जिंदगी कब तक है?
यह तो पता नहीं प्यारे!
याद सब कुछ रखा जाएगा,
जो अब तक बीता है हमारे।
सुकून मिले या ना मिले,
जिंदगी जीते या हारे,
किसी को कोई फर्क नहीं,
यह तो दिल ही जानता है,
किसने किसको प्रताड़ित किया?
अंत समय बीतता है, यादों के सहारे।
-चंद्र दत्त शर्मा
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