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अमन के गुल

                
                                                         
                            उन राहों को गमन करना आसान नहीं,
                                                                 
                            
जहां हम कदम ना मिलते हों।
वो हर गुलशन किसी काम का नहीं,
जहां अमन के गुल ना खिलते हों।
-चंद्र दत्त शर्मा
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23 घंटे पहले

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