आप अपनी कविता सिर्फ अमर उजाला एप के माध्यम से ही भेज सकते हैं

बेहतर अनुभव के लिए एप का उपयोग करें

विज्ञापन

मैं अंबेडकरवादी हूं

                
                                                         
                            मैं अंबेडकरवादी हूँ,
                                                                 
                            
मैं मानवता की पहचान हूँ. ।

मैं बुद्ध के पथ का पथिक हूँ,
मैं न्याय और समता की तान हूँ।

मैं अन्याय के विरुद्ध खड़ा हूँ,
मैं शोषितों की आवाज़ हूँ.।

मैं शिक्षा को हथियार बनाकर,
मैं अज्ञानता से लड़ता आज हूँ।

मैं संविधान को अपना ग्रंथ मानता हूँ,
मैं अधिकारों की बात पहचानता हूँ।

मैं भीम के सपनों को सजाता हूँ,
मैं एक नए भारत का निर्माण करता हूँ
मैं जात-पात को तोड़ता हूँ,
मैं भाईचारे का दीप जलाता हूँ।

मैं अंबेडकरवादी हूँ,
मैं बुद्ध का सच्चा अनुयायी हूँ।
- हम उम्मीद करते हैं कि यह पाठक की स्वरचित रचना है। अपनी रचना भेजने के लिए यहां क्लिक करें।
2 महीने पहले

कमेंट

कमेंट X

😊अति सुंदर 😎बहुत खूब 👌अति उत्तम भाव 👍बहुत बढ़िया.. 🤩लाजवाब 🤩बेहतरीन 🙌क्या खूब कहा 😔बहुत मार्मिक 😀वाह! वाह! क्या बात है! 🤗शानदार 👌गजब 🙏छा गये आप 👏तालियां ✌शाबाश 😍जबरदस्त
विज्ञापन
X
बेहतर अनुभव के लिए
4.3
ब्राउज़र में ही

अब मिलेगी लेटेस्ट, ट्रेंडिंग और ब्रेकिंग न्यूज
आपके व्हाट्सएप पर