अपने सुखी कुटुम्ब में
तू हंसती-खिलती रहे सदा,
निज काया की छांव से
ममता तुझको करूं अदा।
तुझ पर कोई आँच न आए
रहे सदा तू मेरे संग,
निज निश्चल मुस्कान से
भरती रहे सदा उमंग।
उड़े सदा तू नील गगन में
देती तुझको ये वरदान,
चले सदा तू मंगल पथ पर
बढ़े तुझी से यश अभिमान।
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