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कविता : जलने दो....

                
                                                         
                            तुम्हारा मेरा प्रेम देख
                                                                 
                            
अनाप - सनाप बोलने लगे
अड़ोस पड़ोस गली के
लोग बहुत ही जलने लगे

इन को प्रिय बोलने
और जलने दो
हमारा प्रेम जरा
और चलने दो
हमारा प्रेम जरा
और चलने दो.......

 
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3 महीने पहले

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