दो दिल दिवानों की हस्ती
दो अनजाने और बिन पहचाने जब
एक दिल की गली से गुजर जाते है।
तब नयन
नज़ाकत से उनके मन मोह जाते है।
सुन एक दूसरे के
दिल की दास्तान वे एक हो जाते है।
बेहद
प्यार में वे, दोनों दीवाने हो जाते हैं।
वे सवार
हो जाते है,प्यार की उस किश्ती में।
जहाँ
वे मस्त हो जाते है अपनी मस्ती में।
फिर जो चाहे
आग लगे भले ही, किसी बस्ती में।
फिर प्यार की वो किश्ती
ज़िदगी के सफ़र में निकल जाती है।
फिर प्यार, यार, कसमे
वादों पर वो किश्ती चलती जाती है।
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