अपने शहर
तूने मुझे नंबर न देकर
मेरा दिल तोड़ दिया।
छोड़ा था साथ कईयों ने,
पर तुमने मेरी वो दो पल की खुशी,
जो तुम्हें देखकर मिलती थी,
वो भी छीन ली।
तुम्हें अपने शहर जाना इतना ज़रूरी था
कि मेरा इंतज़ार भी न किया,
मुझसे बात भी न की,
और तुम अपने शहर चली गई।
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