आप अपनी कविता सिर्फ अमर उजाला एप के माध्यम से ही भेज सकते हैं

बेहतर अनुभव के लिए एप का उपयोग करें

विज्ञापन

" आप मानें तो .... "

                
                                                         
                            देखा आपको जब से ,यूँ वीराने से फिरते हैं,
                                                                 
                            
दिमाग कहता कुछ, फिर भी दिल की सुना करते हैं।

दिल कहता है ,अपना बना लें आपको,
पर कहने से ही डरते हैं।

रुक जाते हैं यही सोचकर,
कि क्या आप भी हम पर मरते हैं।

चलो आज बताते हैं,
दिल में जो है कर जाते हैं।

दिल आपके नाम करते हैं,
जान आपके नाम करते हैं।

आप मानें तो उम्रभर आपका साथ निभाने का पैगाम करते हैं,
वरना ज़िंदगी यूँ ही गुज़ार देने का अंजाम करते हैं।
- हम उम्मीद करते हैं कि यह पाठक की स्वरचित रचना है। अपनी रचना भेजने के लिए यहां क्लिक करें।
2 महीने पहले

कमेंट

कमेंट X

😊अति सुंदर 😎बहुत खूब 👌अति उत्तम भाव 👍बहुत बढ़िया.. 🤩लाजवाब 🤩बेहतरीन 🙌क्या खूब कहा 😔बहुत मार्मिक 😀वाह! वाह! क्या बात है! 🤗शानदार 👌गजब 🙏छा गये आप 👏तालियां ✌शाबाश 😍जबरदस्त
विज्ञापन
X
बेहतर अनुभव के लिए
4.3
ब्राउज़र में ही

अब मिलेगी लेटेस्ट, ट्रेंडिंग और ब्रेकिंग न्यूज
आपके व्हाट्सएप पर