हम किसी और के तौर-तरीके रवैए और तर्ज़-ए-'अमल को तो नहीं बदल सकते है
हमतो केवल किसीके तर्ज़-ए-'अमल पर अपने रद्द-ए-'अमल को ही बदल सकते हैं
-एन आर कस्वाँ
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