भरोसा और इज्ज़त हरेक रिश्ते में ज़रूरी है
वर्ना रिश्ता कोई रिश्ता नहीं एक मज़बूरी है!
-एन आर कस्वाँ
- हम उम्मीद करते हैं कि यह पाठक की स्वरचित रचना है। अपनी रचना भेजने के लिए यहां क्लिक करें।
कमेंट
कमेंट X