अच्छा सोचो तो अच्छा औरभी बेहतर हो जाता है
अगर बुरा सोचो तो बुरा औरभी बदतर हो जाता है
कहा-सुनी से नहीं खुदसे ही खुदकी सोच बनती है
असर रोज-रोज कहा-सुनी का बेअसर हो जाता है
-एन आर कस्वाँ
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