भारत मां का सपना
खेतों में हरियाली हो
पौधों में बाली हो,
हर किसान के माथे पर
अनाजों की बोरी हो।
नदियों का जल बहे कल-कल
शुध्द हवा बहे पल पल
जंगल में बढें हलचल
हर जीवों का हो मंगल।
हर जवान रहे सजग
हमारी एकता रहे कायम
लोकतंत्र के मन्दिर में
हमारे पूत रहे सजल।
हम बने संसार गुरु
चन्द्रमा की धरती पर
करे नया अभियान शुरु
अंतरिक्ष भी जाएँ जरूर
हर हाथ को रोजगार हो
हर महिला का सम्मान हो
न कोई भूखा
न कोई दंगा
हर भारतीय की एक ही सोच
2047 में विकसित भारत हो।
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