किसी को जीने के लिए अरमान चाहिए,
किसी को दुनिया में केवल सम्मान चाहिए।
किसी की ज़िंदगी में हैं चाहतें बड़ी,
किसी को अपने होने का गुमान चाहिए।
किसी को चाहिए खुशियों की सौगात,
किसी पर पैसों की हो बरसात।
किसी को अपनी मंज़िल की तलाश है,
किसी को दौलत का साथ चाहिए।
किसी को हैं ज़िंदगी से शिकवे बहुत,
किसी को अपनी अलग पहचान चाहिए।
कोई सपनों के पीछे भागता रहा,
किसी को बस एक उड़ान चाहिए।
पर यदि सच्ची खुशी की पहचान चाहिए,
तो चेहरे पर एक प्यारी-सी मुस्कान चाहिए।
मुस्कान ही वह दौलत है,
जो बाँटने से और बढ़ जाती है।
यह दुखों में भी उम्मीद जगाती है,
और जीवन को जीने का नया एहसास दिलाती है।
न धन, न शोहरत, न ऊँचा मकान चाहिए,
हर दिल को बस सच्ची मुस्कान चाहिए।
यही सबसे अनमोल उपहार है,
यही जीवन का सबसे सुंदर श्रृंगार है।
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