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मेरे प्यारे अब्बा

                
                                                         
                            कोई पापा, तो कहीं अब्बू पुकारे,
                                                                 
                            
कहीं पिता, तो कहीं डैडी हमारे।
धरती बदले, भाषा बदले, बदल जाए हर नाम,
पर हर दिल में रहता उनका एक-सा सम्मान।

उनके चरणों की धूल को,
हम अपने सिर का ताज बनाएँ।
उनकी पावन छत्र-छाया में,
जीवन का हर सुख पाएँ।

उनके आदर्शों पर चलकर,
हर मुश्किल को आसान बनाएँ।
उनके त्याग और तपस्या से,
अपने जीवन को महान बनाएँ।

माँ ममता की सच्ची मूरत,
पिता प्रेरणा का उजियारा।
माँ जीवन की मधुर सरिता,
पिता संघर्ष का ध्रुवतारा।

माँ की गोद सुकून का सागर,
पिता हिम्मत की पहचान हैं।
दोनों मिलकर इस जीवन की,
सबसे सुंदर मुस्कान हैं।

माता-पिता के चरणों में ही,
मेरे जीवन का बसेरा है।
उनके आशीष से ही रोशन,
मेरा हर एक सवेरा है।

उनकी सेवा, उनका सम्मान,
जीवन का सबसे बड़ा धर्म है।
उनकी मुस्कान ही मेरी दौलत,
उनका आशीर्वाद ही मेरा कर्म है।
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3 महीने पहले

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