प्रेम को मारने शहंशाह चला तलबार से
पर प्रेम कब मरा औजार से
कईयों को शूलि चढ़ा दिया उसने
सफल न हो सका तो खामोश कर दिया उसने
प्रेम कभी मरता नहीं जिंदा ही दफन होता है
लोगों ने समझा ही नहीं प्रेम क्या होता है
प्रेम प्रकाश पुंज ऊर्जा का उमंग तरंग लिये
मिलता है नसीब से जीवन के लिए
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