क्या सच में समय का तक़ाज़ा रहा होगा
या मुमकिन हैं वादा तुम्हारा किसी और से रहा होगा
मिलने आ ना सके तुम लाख बुलाने पर
क्या मुमकिन है प्यार तुमसे उसने हमसे ज़्यादा किया होगा
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