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मोहब्बत इबादत है..

                
                                                         
                            मोहब्बत कभी झुकते नहीं, झुका देते हैं,
                                                                 
                            
पत्थरों जैसे दिलों को भी, दुआ देते हैं।।

जो रखते हैं वफ़ाओं का दिया सीने के बीच,
वो सदा अँधेरों को भी, हँसकर रास्ता देते हैं।।

नहीं करते हैं सौदे, ये रिश्तों के बाज़ार में,
अपने हिस्से का भी सबको आसरा देते हैं।।

जिनकी आँखों में सच्चे एहसास ठहरे हों,
वो तो बिना बोल के हर दर्द सुना देते हैं।।

मोहब्बत का असर पूछो न दिल वालों से तुम,
रूठे मौसम को भी पल भर में घटा देते हैं।।

मोहब्बत इबादत है,इसे नफ़रत से मत तोलो ,
ये तो हर बिखरते हुए रिश्तों को बचा देते हैं।।

जो निभाते हैं मोहब्बत को सलीके से सदा ,
वो, ख़ुद कम बोलकर दुनिया सिखा देते हैं।।

कवि 'एम के सिंह' ये मोहब्बत का हुनर ऐसा है,
जो न झुकते हैं कभी, वो दिल को झुका देते हैं।।
- एम के सिंह
- हम उम्मीद करते हैं कि यह पाठक की स्वरचित रचना है। अपनी रचना भेजने के लिए यहां क्लिक करें।
3 महीने पहले

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