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सावन झूम झूम के आया।

                
                                                         
                            बूंदों से बूंदें बात करें
                                                                 
                            
और प्रेम -सुधा बरसात करें
रिमझिम बरखा में मधुर हवाएं
गीतों से मुलाकात करें
तरूण हृदय को छेड़ -छेड़ कर
रस-श्रृंगार सजाया
सावन झूम झूम के आया
सावन झूम झूम के आया।

भीग गया है मन का आंगन
भीग गया सांसों का मधुबन
भीग गये सपनों की गलियां
भीग गये खुशियों में नयन
पांव बिना घुंघरू के थिरके
ऐसा ताल मिलाया
सावन झूम झूम के आया
सावन झूम झूम के आया

बुलबुल कोयल मोर पपीहा
रंग रहें बरखा के रंग में
झिंगुरी अब नजर बचाकर
गाने लगी है उमंग उमंग में
यदा -कदा किरणों से सूरज
मंद -मंद मुस्काया
सावन झूम झूम के आया
सावन झूम झूम के आया।

धुले -धुले दिखे सब तरुवर
फूलों में न्यून तितली -मधुकर
रंग घटा में जब खोये मन
सांझ -सुबह में लगे न अंतर
धरती गगन और दिशा -दिशा में
पावस धुन समाया
सावन झूम झूम के आया
सावन झूम झूम के आया।
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3 महीने पहले

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