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पर तू नहीं है

                
                                                         
                            फूल है खुशबू है
                                                                 
                            
प्यार है रंग है
मौसम सारे जवां है,
मीठे लफ्ज़ साफ- साफ
कोयल करती राग
धूप है छांव है
पर तू नहीं है _

इतना सुहाना पल है
रिमझिम सा बादल है
घूमने की फुरसत है
मिलने की चाहत है
पर तू नहीं है _

ठंडी - ठंडी हवा है
तन मन में राहत है
सादा सा जीवन है
खुशियां है पलकों पे,
गगन छूने की ख्वाहिश है
दिल की यही फरमाइश है
पर तू नहीं है _

अश्क के दाने
तेरे दीवाने
पर तू न जाने
- हम उम्मीद करते हैं कि यह पाठक की स्वरचित रचना है। अपनी रचना भेजने के लिए यहां क्लिक करें।
2 महीने पहले

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