जड़ों से जुड़े हो
तभी तक खड़े हो
विश्वास पर खरे हो
तभी तक शिखर हो
शिखर की ज़मी में
स्थायित्व नहीं है
विश्वास शिथिल हो
तो धरा में मिले हो।
-मं शर्मा
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