मंदिर में मसान में
हर एक अनुष्ठान में
आपदा के समाधान में
सदैव विद्यमान हूँ
प्रकाश का पुँज हूँ
दीप्ति का निकुँज हूँ
जलता हुआ दीप मैं
अंधेरे का निदान हूँ ।
-मं शर्मा
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