मीत हो कि मित्र हो
करीब होना चाहिए
रीत हो कि जीत हो
दोहराई जानी चाहिए
गुरू हो कि पुस्तक हो
सम्मान होना चाहिए
पुस्तकें सच्ची मित्र हैं
गुणगान होना चाहिए।
-मं शर्मा
- हम उम्मीद करते हैं कि यह पाठक की स्वरचित रचना है। अपनी रचना भेजने के लिए यहां क्लिक करें।
कमेंट
कमेंट X