गंभीर हूँ
कठोर हूँ
धीर धारिणी हूँ
क्योंकि मैं धरती हूँ
हिम को नीर को
मरू को पहाड़ को
सबको धारती हूँ
क्योंकि मैं धरती हूँ
जीवों का आहार हूँ
जीवनाधार हूँ
देना मेरी प्रकृति है
क्योंकि मैं धरती हूँ।
-मं शर्मा
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