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इतनी गहराई से उतारा है

                
                                                         
                            इतनी गहराई से उतारा है
                                                                 
                            
शब्दों में तुम को
मुझको भी तुम
इर्दगिर्द नहीं मिलती

न कोई रह रह के
पन्ने पलटता है
न कोई दस्तक
मेरी लेखनी सुनती।
-मं शर्मा
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2 महीने पहले

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😊अति सुंदर 😎बहुत खूब 👌अति उत्तम भाव 👍बहुत बढ़िया.. 🤩लाजवाब 🤩बेहतरीन 🙌क्या खूब कहा 😔बहुत मार्मिक 😀वाह! वाह! क्या बात है! 🤗शानदार 👌गजब 🙏छा गये आप 👏तालियां ✌शाबाश 😍जबरदस्त
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