साथ है दर्द का
निभाना पड़ेगा
भार है दर्द का
उठाना पड़ेगा
दिखाना व्यर्थ है
छिपाना पड़ेगा
धैर्य की परीक्षा है
उत्तीर्ण होना पड़ेगा।
-मं शर्मा
- हम उम्मीद करते हैं कि यह पाठक की स्वरचित रचना है। अपनी रचना भेजने के लिए यहां क्लिक करें।
कमेंट
कमेंट X