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कल फिर चल लेना

                
                                                         
                            आज जो रुक गए,
                                                                 
                            
मन से क्यों टूट गए।
थक कर बैठ गए,
अंदर से क्यों फूट गए।
आज जो रुक गए, कल फिर चल लेना

पिछले यात्री कह गए,
मिलते बिछड़ते क्यों बह गए।
हम भी ऐसे सह गए,
रिश्ते निभाते क्यों रह गए।
आज जो रुक गए, कल फिर चल लेना

अब तक जब चलते गए,
सबसे दिली क्यों कहते गए।
अपनी यात्रा करते गए,
दूसरों से क्यों लड़ते गए।
आज जो रुक गए, कल फिर चल लेना

लक्ष्य दिशा में गए,
यत्र तत्र क्यों रमते गए।
आंतरिक पथ में गए,
बाह्य क्यों ढूंढते गए।
आज जो रुक गए, कल फिर चल लेना
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एक महीने पहले

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