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अपनी सभ्यता के बीज बोती हैं

                
                                                         
                            एक छोटी-सी, पतली-सी धारा,
                                                                 
                            
जब अनगिनत धाराओं में मिलती है,
तब जन्म लेती है एक नदी।

वही नदी
अपने प्रचंड वेग में
बड़े-बड़े साम्राज्यों को बहा ले जाती है।

पीछे छोड़ जाती है
एक उपजाऊ धरती,
जिसकी गोद में
नई पीढ़ियाँ
अपनी सभ्यता के बीज बोती हैं।
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2 महीने पहले

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