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रागिनी

                
                                                         
                            मेरा वक्त भी ठहर जाता है तेरा नाम सुनकर प्रिये,
                                                                 
                            
तुम मेरे गीतों की रागिनी हो मुझे देख लो मुड़कर प्रिये।
जीवन के इस दलदल में कमल की तरह तुम खिलती हो
प्रेम काअनमोल खजाना देकर मेरी सांसों में महकती हो
अनजानी राहें हैं, रोड़े हैं इस मुश्किल डगर में,
मगर तुम्हारा साथ है तो सुकून है मेरे इस सफर में।
वीरान तन्हाई के समंदर को हम पार कर लेंगे
इस प्रेम की छोटी सी कश्ती में हर से लहर लड़ लेंगे
नमन करते हैं मेरे में नयन तुमको झुककर प्रिये।
- लीला राम सिन्हा
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3 महीने पहले

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