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भाई बहन जैसा रिश्ता ना कोई

                
                                                         
                            भाई की कलाई सजती है,
                                                                 
                            
जब राखी की डोरी बंधती है।
माथे टीका, हाथों मिठाई,
खुशियां हर घर में खिलती हैं।
रक्षाबंधन आया प्यारा,
प्यारा यह त्यौहार हमारा।

बहना लाई थाली अपनी,
राखी सजा मनभावन।
मन में सच्चे भाव रखती,
प्रेम भरा यह बंधन।

राखी बांधे, गले लगाकर,
बोले भैया हंसते-हंसते-
तेरी रक्षा वचन हमारा,
साथ निभाऊं हर पल तुम्हारा।
प्यारी बहना, तुझ से नाता,
स्नेह भरा सबसे न्यारा।

मीठी बातें, हंसी पुरानी,
फिर यादों में खो जाते।
बचपन की वह शरारतें,
सब रक्षाबंधन पर मुस्काते।
भाई बहन जैसा रिश्ता ना कोई,
बचपन जैसा प्यार ना कोई।


 
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59 मिनट पहले

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