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शर्म से मुंह झुकाकर

                
                                                         
                            जो करते थे नैतिकता की बाते,
                                                                 
                            
देश प्रेम राष्ट्रवाद आदर्श की बातें,
वही अब लक्ष्य से भटक रहे हैं,
पैसे के पीछे भाग रहे हैं।
नहीं करते वह सिद्धांत की बातें,
नहीं करते वह त्याग की बातें,
महंगी गाड़ियों में घूम रहे हैं,
काजू किशमिश खा रहे हैं।
जिन पर था हमें बड़ा गर्व,
वही शर्म से मुंह झुकाकर,
हमारे बगल से जा रहे हैं।
हमारे बगल से जा रहे हैं।।
-कुलदीप शुक्ला
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7 घंटे पहले

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