पग चिन्ह तुम्हारे मिले
मेरी राहों में पग चिन्ह तुम्हारे मिले
जीवन की हर घड़ी में संग तुम्हारा मिले
शिकायत नहीं अब मुझे उस रब से
ना ही मेरी कोई उम्मीद है
राहत से भर जाती हैं सांसें जब
देखने को मुस्कान तुम्हारी मिले
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