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बांधेगे हर उस कलाई पर राखी जो चौराहे पर आवारागर्दी करता फिरता है

                
                                                         
                            सावन के अंतिम दिन रक्षाबंधन यहां हर साल मनाया जाता है
                                                                 
                            
बहनों के द्वारा भाई की कलाई पे धागा नही प्यार सजाया जाता है

कहते है यह नेह और नाता जोड़े रखता है भाई बहन को कोसों दूर
धागा तो बिल्कुल कोमल सा बंधता है पर बंधन अटूट बंध जाता है

तो आज खरीदे है मैंने भी ढेर सारे राखी के रंग बिरंगे रेशम धागे
क्यूंकि सुना है हमने राखी जिसको बांधी जाए वो इसकी आन निभाता है

एक राखी दुनियां रचने वाले को और एक राखी अपने भाई को सजेगी
एक राखी बंधेगी उस कलाई पर जो हमारी हर मुश्किल में दौड़ा आता है

एक राखी अपने प्रदेश के प्रहरी एक राखी बांधेगे सरहद पे खड़े वीरों के हाथ
एक राखी उसको भी जाती है जिसकी दवा से जीवन स्वस्थ हो जाता है

और अंत में एक राखी हर उस लड़के के हाथ जो हमको घूरता है
हमने सुना है हर भाई अपनी बहनों को जान के ठिकाने रखता है

हम हर उस लड़के को राखी के बंधन में बांधेगे जो बुरी लत पाले हुए हैं
बांधेगे हर उस कलाई पर राखी जो चौराहे पर आवारागर्दी करता फिरता है

और फिर बदले में हम उनसे उनकी बुरी आदत छोड़ने को बोलेंगे
क्यूंकि सुना है राखी के दिन भाई बहनों को मुंह मांगा तोहफा देता है
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एक घंटा पहले

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