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भारत को कहते विश्व गुरु

                
                                                         
                            भारत को कहते विश्व गुरु भारत को सब तपोंभूमि यहां कहते है
                                                                 
                            
संत महंतो की कहलाती है ये धरा पर संतो को ढोंगी कहने से यहां चूकता कोई नहीं

भले ही लाखों ऐब पाल कर बच्चा गुंडा मवाली बन जाए
पर
भजनी बाबा की टोली से रहना दूर ये सिखाना भूलता कोई नहीं

नेताओं को आदर में और उनके आगमन पर जीभ से चाट रोड करेंगे साफ
पर एक भगवा धारी निकल जाए तो उसका परिहास उड़ाने में पीछे रहता कोई नहीं

अगर किसी ने व्यासपीठ पर बैठ जल चढ़ाने को कहा तो सबको बड़ी आपत्ति है
शिवालय में गर भीड़ है भारी तो इससे कुछ सज्जनों को बड़ी विपत्ति है

और भले हर दरवाजे परनिन्दा हो और हर नुक्कड़ शराब, जुआं हो
नशे की दुकान चौराहे से गली तक चाहे हजारों हो उफ्फ तक करता कोई नहीं

कथावाचकों के ऊपर छींटाकशी करने को सबके मुंह में गज भर की जुबाने है
नेता चाहे कितना ही भ्रष्ट क्यूं ना हो पर गूंगे है सब आवाज निकालता कोई नहीं

पत्थर बाजी धरना प्रदर्शन नारे बाजी और फालतू भाषण ये हर जगह मुफ्त में है
पर जब हिन्दू मुस्लिम करके लाखों इंसान काटे गए तब हाथ तक उठाता कोई नहीं

साधु बनकर वेश बनाकर ,सनातन को ढगने वालो की हर जगह यहां प्रशंसा है
सच का साधु मारा जाता विरोध तो दूर,ऐसा अन्याय कर शर्माता कोई नहीं
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2 महीने पहले

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