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"मृत्यु"

                
                                                         
                            ‎"मृत्यु"
                                                                 
                            
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‎संस्कार सब पाखण्ड है।
‎समाज तो मतांध है।
‎रीति - रिवाज़ रोग है।
‎स्वभाव ही धर्म है।।
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‎मन्दिर - मस्जिद हद है।
‎पूजा - पाठ व्यंग्य है।
‎पंडित - मौलाना द्रव्य है।
‎बाकी सब भय है।
‎जानकर भी अज्ञ है।
‎राम नाम सत्य है।।
 
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3 महीने पहले

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