अगर तुम राधिका बनती तुम्हारा श्याम हो जाता ।
तुम्हें उल्फ़त निभाने का सलीका ही नहीं आया ।
- हम उम्मीद करते हैं कि यह पाठक की स्वरचित रचना है। अपनी रचना भेजने के लिए यहां क्लिक करें।
कमेंट
कमेंट X