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आशिक हूॅं

                
                                                         
                            आशिक हूॅं मगर दिल ये तलबगार नहीं है ।
                                                                 
                            
कहता है कौन हमको अजी प्यार नहीं है ।

देखेंगे तुझे रोज फिर भी उफ़ न करेंगे ।
पाने को तुझे दिल अभी तैयार नहीं है ।

माना कि बहारों ने खूब हल्ला किया है ।
हमको अभी मरना अजी स्वीकार नहीं है।

तन्हा हैं "कमल" पंगा किसी से भी नहीं है ।
यह दिल का अजी इश्क़ है व्यापार नहीं है ।

 
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2 महीने पहले

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