मौत का खौफ़ नहीं रखता हूं मैं
कफ़न साथ में रखता हूं मैं
यारों से यारी निभाता हूं मैं
मक्कारों को जूते की नोंक पर रखता हूं मैं
रुख तूफानों का मोड़ देता हूं मैं
नींद दुश्मनों की उड़ा देता हूं
शेर-ए-जिगर रखता हूं मैं
मौत का ख़ौफ़ नहीं रखता हूं मैं
कफ़न साथ में रखता हूं मैं... !!
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