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खामोशियों का सफ़र

                
                                                         
                            खामोशियों के पीछे भी एक आवाज़ होता है,
                                                                 
                            
हर मुस्कुराते चेहरे में एक राज़ होता है।

कुछ दर्द लफ़्ज़ों में कभी ढल नहीं पाते,
आंखों में छुपा उनका अंदाज होता है।

वक्त़ की धूप में रिश्ते भी परखे जाते हैं,
कौन अपना है,यही एहसास होता है।

टूटे हुए सपनों को जो फिर से सजा दे,
वही इंसान जिंदगी में ख़ास होता है।

हमने भी ख़ामोशी से सफ़र तय किया है,
हर कदम पर उम्मीद का एहसास होता है।

 
- हम उम्मीद करते हैं कि यह पाठक की स्वरचित रचना है। अपनी रचना भेजने के लिए यहां क्लिक करें।
2 महीने पहले

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