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इश्क की ऑधी आयी है

                
                                                         
                            इश्क की ऑधी आयी है
                                                                 
                            
सब उडा के लायी है
रेत रेत सब हो गया
आसमान अब खो गया
छिपी हुई है जनता
कुछ नहीं है बनता
धूल जमी है पत्तों पर
कोई नहीं है सड़कों पर
कच्चे आम भी गिर गये हैं
पेड सरी के टूट गये हैं
पंछी प्यासे बैठे हैं
ना जागे हैं
ना सोते हैं
भूख प्यास अब ना रही
ऑधी धू धू गा रही।
तूफान बनी है ऑधी तो
हुई है अब बरबादी तो
इश्क की ऑधी आयी है
सब उडा के लायी है
रेत रेत सब हो गया
आसमान अब खो गया
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8 घंटे पहले

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