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सीखे यकीन की राह पर चलना ।

                
                                                         
                            शक है एक जहरीला बीज,
                                                                 
                            
जहाँ जमे वहाँ भरते खीज ।
सदा सत्य से रखता दूर,
असत्य का फैलाए भ्रम भरपूर ।

भरोसा हर मन की है नीव,
भरोसे बिन तड़पे जीव ।
शक को कभी तुम जगह न देना,
सीखे यकीन की राह पर चलना ।
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एक महीने पहले

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