अतीत देता सीख हमें, अनुभवों की वो थाती है,
भूलों में छिपा ज्ञान है, जो राह नई दिखलाती है।
भविष्य हमें सपने दे, आशाओं के दीप जलाए,
मेहनत से मंजिल मिले, ये विश्वास हमें भर जाए।
पर जीवन का सच तो बस, वर्तमान में ही बसता है,
कल की चिंता और पछतावा, आज की खुशी को हरता है।
बीता कल लौटे ना, और आने वाला है अनजाना,
इसलिए आज का हर पल, अपने हाथों से संवारना।
सीख ले अतीत से तू, और सपनों को साध ले,
पर कर्म कर अभी इसी पल, अपना सर्वोत्तम साध ले।
एक सही निर्णय आज का, कल को सुंदर बना देता,
अतीत की भूलें भी तभी, अर्थ नई ले लेता।
जो संवारे वर्तमान को, उसका हर कल निखर जाता,
याद रखो, जीवन की डोर, आज के हाथों में आता।
- जगदीश प्रसाद शर्मा
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