आप अपनी कविता सिर्फ अमर उजाला एप के माध्यम से ही भेज सकते हैं

बेहतर अनुभव के लिए एप का उपयोग करें

विज्ञापन

सच क्या है जाने राम यही

                
                                                         
                            सच क्या है जाने राम यही सब कह रहे, राम पे भरोसा अब भी है जन जन का।
                                                                 
                            
राम मूल मंत्र प्राण तत्त्व भारतीयों के हैं, अवधपुरी है पुण्य धाम सनातन का।
आस्था थी राम पे है अब भी रहेगी सदा, राम जी के नाम पे ही घूमता मनका।
चोरी हुई दान की तो दान आना बंद हुआ, लोग आ रहे हैं क्योंकि भाव है ये मनका।
-इन्द्र प्रसाद 'रत्नेश'
- हम उम्मीद करते हैं कि यह पाठक की स्वरचित रचना है। अपनी रचना भेजने के लिए यहां क्लिक करें।
3 महीने पहले

कमेंट

कमेंट X

😊अति सुंदर 😎बहुत खूब 👌अति उत्तम भाव 👍बहुत बढ़िया.. 🤩लाजवाब 🤩बेहतरीन 🙌क्या खूब कहा 😔बहुत मार्मिक 😀वाह! वाह! क्या बात है! 🤗शानदार 👌गजब 🙏छा गये आप 👏तालियां ✌शाबाश 😍जबरदस्त
विज्ञापन
X
बेहतर अनुभव के लिए
4.3
ब्राउज़र में ही

अब मिलेगी लेटेस्ट, ट्रेंडिंग और ब्रेकिंग न्यूज
आपके व्हाट्सएप पर