बता में रहा हूँ ये अपना तकाजा
मुहब्बत में निकलेगा सबका जनाज़ा
बने हो बफादार जो इश्क़ के तुम
मिलेगा तुम्हें बेबफा का तमाचा
जो लूटे वतन को बने वो भी हाकिम
पता जब चलेगा कि होगा खुलासा
पड़ो इश्क़ में तुम बनोगे नकारा
वतन पर मरो नाम होगा तुम्हारा
-इम्तियाज़ रज़ा
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