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पोवारी भाषा स्थानांतरण को इतिहास

                
                                                         
                            क्षत्रिय पोवारों की
                                                                 
                            
मधुर मीठी मातृभाषा से पोवारी।
पहिले मालवा मा,
नांदत होती मातृभाषा पोवारी।।

पोवार समाज को संग मा
स्थानांतरित भयी से मातृभाषा पोवारी।
सन् 1700 को आसपास,
वैनगंगा अंचल मा आयी से भाषा पोवारी।।

पूर्व मध्ययुग मा
उदित भयी से मातृभाषा पोवारी।
राजस्थान मालवा मा,
विकसित भयी से भाषा पोवारी।।

स्थानांतरण को समय
पूर्वजों की छाया वानी आयी से पोवारी।
माटी की खुशबू धारण करके,
वैनगंगा अंचल मा नांद रहीं से पोवारी।।

देववाणी संस्कृत लक
उद्भुत भयी से मातृभाषा पोवारी।
हिन्दी भाषा वानी,
सरल सुलभ उत्तम भाषा से पोवारी।।

सन् 2018 पासून
पहचान आपली बढ़ाय रहीं से पोवारी।
हिन्दी साहित्य जगत मा,
प्रतिष्ठा आपली बढ़ाय रहीं से पोवारी।।

घाट मालवी- राजस्थानी
धारण करके आयी से भाषा पोवारी।
ठाट- बांट आपलो,
परिष्कृत कर रहीं से भाषा पोवारी।।

- ओ सी पटले
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11 घंटे पहले

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