हम ने सीने से लगाया, दिल न अपना बन सका,
मुस्कुरा कर तुम ने देखा, दिल तुम्हारा हो गया।
ढूँढते फिरते थे जिस चाहत को हम दुनिया में कल,
सामने तुम आ गए तो दिल को सहारा हो गया।
हम ने चाहा था कि तुम से फ़ासला रखें ज़रा,
तुम ने बस हँस कर पुकारा, सब तुम्हारा हो गया।
ज़िंदगी भर की उदासी, रंज-ओ-ग़म सब मिट गए,
एक तेरे दीदार से यह जग भी प्यारा हो गया।
क्या कहें 'लाला' फ़साना इस जुनुँ-ए-इश्क़ का,
जो कभी मेरा न था वो अब तुम्हारा हो गया।
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