कोटि -कोटि नमन पूज्य अटल बिहारी ।
श्रद्धा सुमन है समर्पित हमारी ।।
अटलजी रहे रहे ना मैं कै कैसे बताऊं ।
अश्क छिपती नहीं कहो कैसे छिपाऊं।।
सारे जहां में है फैली उदासी ।
शोकाकुल दुखी मन है भारत के वासी।।
अजातशत्रु कविवर की थी सबसे यारी ।
कोटि -कोटि नमन पूज्य अटल बिहारी ।।
गठबंधन चलाना कोई अटल जी से सीखे ।
राजनीति में माहिर न उनके सरीखे ।।
'भारत रत्न ' शब्दों के जादूगर विलक्षण ।
समन्वय की नीति लगाते थे तत्क्षण ।।
ब्रह्मचारी कवि की कविताएँ न्यारी ।
कोटि -कोटि नमन पूज्य अटल बिहारी ।।
कूटनीति में निपुण थे महाराज नेता ।
शिखरपुरुष थे जन-जन के चहेता ।।
'परमाणु परीक्षण ' का साहस दिखाया ।
कारगिल युद्ध में भारत को जिताया ।।
' ऑपरेशन विजय ' में पाकिस्तान हारी ।
कोटि -कोटि नमन पूज्य अटल बिहारी ।।
' अटलजी ' का जीवन प्रेरणाओं का खजाना ।
टूटे दिलों के हौसले को बढ़ाना ।।
गोपी नाथ कृष्ण
सहरसा , बिहार
एक मत से हारे पर चली ना वो चालें ।
निः स्वार्थ पी. एम. कायम की मिशालें ।।
श्रद्धांजलि " कृष्ण" का चरणों में तुम्हारी ।
कोटि -कोटि नमन पूज्य अटल बिहारी ।।
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