मेरे सामने एक खिड़की है
यह एक खिड़की
है मुझे अत्यंत प्यारी,
पता है मेरे घर में भी है
एक खिड़की, मगर
उससे नहीं दिखते
ये इतने अद्भुत दृश्य ।
अंधेरे में कई किलोमीटर दूर
छोटे-छोटे घर है दिखते,
खेतों और खेतों में लहलहाती फसल,
वो बारिश की बूंदे
और वह ठंडी-ठंडी हवा।
एक नदी भी है दिखी
जिसके सामने से गुज़र रही थी
एक छोटी सी टोटो या ऑटो,
स्पष्ट न था मगर अद्भुत था।
एक हाईवे भी है दिखा
जिसमें सवार थी एक लौरी,
और यह सब देखने के दौर में
बहुत से स्टेशन भी दिख गए
गाड़ी में रफ्तार ली है,
हमारी निद्रा कहीं उड़ सी गई है
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