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कौन बाँट सकता है भला किसी के गम को

                
                                                         
                            कौन बाँट सकता है भला किसी के गम को
                                                                 
                            
दर्द अपना है तो तकलीफ़ भी अपनी होगी
-फौज़िया नसीम शाद
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16 घंटे पहले

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