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कितना तन्हा, खुद को वो पाए

                
                                                         
                            कितना तन्हा, खुद को वो पाए
                                                                 
                            
दिल तसल्ली को जब तरस जाए
भीड़ भी हो बेपनाह अपनों की
और कोई अपना नज़र नहीं आए
-फौज़िया नसीम शाद
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12 hours ago

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