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प्यार से पोषित

                
                                                         
                            प्यार से पोषित अधिकांश ही होते हैं।।
                                                                 
                            
शायद ही ऐसा कोई हो जो
इससे वंचित होते हैं।।
यह एक ऐसा कड़ी है जो
परिवार को बजबूती से
बांधे रखता है।।
हर प्रकार के रिश्ते क्षितिजत:
एक दूसरे से भावनात्मक
रूप से जुड़े हुए हैं।।
मां का प्यार बेटे के प्रति।।
बेटी का प्यार पिता के प्रति।।भाई का प्यार बहन के प्रति ।।
यह प्रेम निःस्वार्थ समर्पण का प्रतीक है।।
पर किसी ने यह नहीं सोचा है।
उनका क्या जो
भूख से पोषित है ।।
ऐसी पीड़ा आपने नहीं।।
देखी होगी।।
उन व्यस्तम सड़कों के फुटपाथ
पर पसरता जा रहा था।
छोटी सी उम्र में ।।
भुख को मिटाने ।।
के लिए वो नायाब तरीका
तो खोजी होगी।।
सारे अरमानों को मन में चिता
की भांति जलाते
हुए देखी होगी ।।
गरीबी हटाने तक सीमित
कहां रही होगी।।
गरीब को ही हटा
दिये जाने की।।
लोकतंत्र ने उतार दी अपनी
ही चटाई।।
प्यार से पोषित अधिकांश ही होते है।।
शायद ही ऐसा कोई हो जो इससे वंचित होते हैं।।
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2 महीने पहले

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